Tsunami

क्यों आती है सुनामी ? सुनामी का इतिहास |History of Tsunami

यह पोस्ट हाल ही में अपडेट की गयी है : June 10th, 2020

दोस्तों हमने इंटरनेट पर बहुत सारे Disaster Video देखें होंगे जिसमें पानी की लहरों से तबाही वाले वीडियो अक्सर सामने आ जाते हैं जो भयंकर तबाही मचाते हुए दिखाई पड़ते हैं पता यही होती है सुनामी लहरें जो समुद्र का पानी लहरों के रूप में तेज गति से लेकर आती है।
 
यह सुनामी तट के पास बसे गांवों शहरों को तबाह कर देती है इसी समुद्री तूफान का नाम जापानी भाषा में सुनामी पड़ा जिसका तात्पर्य बंदरगाह के पास की लहरें दरअसल ये लहरें सैकड़ों किलोमीटर चौड़ी और लंबी होती हैं।
 
जब भी ये विशालकाय लहरें समुद्र तट के पास आती है तो इनकी ऊंचाई बढ़ जाती है गति धीमी हो जाती है और इनके नीचे वाला हिस्सा जमीन को छूने लगता जिससे चारों तरफ तबाही का मंजर दिखाई देता है
यह लहरें लगभग 400 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ती हैं और इनकी ऊंचाई काफी हद तक बढ़ जाती है ऐसा लगता है मानो पानी की चलती हुई दीवार हो।
 
सुनामी क्यों आती है : अक्षर मन में सवाल आते हैं आखिर इस सुनामी आने के पीछे का राज क्या है। दरअसल सुनामी आने के पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे भूकंप का आना,समुद्र में ज्वालामुखी फटना, जमीन धंसना, धरती में किसी तरह का विस्फोट होना इत्यादि
 
 
समुद्र में आम लहरें चांद, सूरज एंव ग्रहों के गुरुत्वाकर्षण बल के प्रभाव से उठती हैं पर सुनामी लहरें इन से बिल्कुल अलग होती हैं सुनामी आने के पीछे मुख्य कारण भूकंप का आना है।
 
 
जब धरती की परतें एक दूसरे के ऊपर चढ़ती हैं उस स्थिति में भूकंप आते हैं और समुद्री तल ऊपर की तरफ उठ जाता है जिससे तेज लहरें उठने शुरू हो जाती हैं।
 
जब यह लहरें विशालकाय रूप में समुद्र तट से टकराती है तो काफी जानमाल का नुकसान होता है चलिए जानते हैं अब तक की deadly tsunami के बारे में जिसने दुनिया में खूब तबाही मचाई है।
सुनामी का इतिहास कुछ इस तरह से : History of tsunami
  • Enshunada, Japan: 1498 ई. मैं जापान के अंशुनादा समुद्र तट में 8 पॉइंट 3 मेग्नीट्यूड की रफ्तार से भूकंप आने से सुनामी की लहरें उत्पन्न हुई जिसमें लगभग 31000 लोग मारे गए थे।
  • Lisbon, Portugal :1755 में पुर्तगाल के लिस्बोन शहर में 8.5 magnitude की रफ्तार से भूकंप आने से समुद्र में लहरें उठी इन लहरों की ऊंचाई करीब 18 मीटर थी। जिसमें 85% तक शहर के बिल्डिंग तहस-नहस हो गई थी। इसमें करीब 60000 से 100000 तक जाने गई
  • Unzen Volcano, Kyushu, Japan : 21 मई 1792 में क्यूशू जापान के उनजैन ज्वालामुखी लगातार 4 महीने तक फटने से समुद्र में सुनामी आई जिसमें करीब 15000 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।
  • Northern Chile : 13 अगस्त 1867 में है उत्तरी चिली में 8.5 magnitude से भी ज्यादा Surface Wave Magnitude के दो भूकंप आए जिस में सुनामी की लहरें उठने से 25000 लोग मारे गए थे।
  • krakatau, Indonesia : 27 अगस्त 1883 में इंडोनेशिया के क्राकाटौ में दुनिया के सबसे बड़े ज्वालामुखी के फटने से सुनामी लहरें उठी। इन लहरों की ऊंचाई करीब 30 मीटर से भी ज्यादा थी जिसने 36000 लोगों को मौत में मुंह में ले लिया था।
  • Sanriku, Japan: 15 June, 1896 में जापान के संरिकु में 8.5 magnitude की रफ्तार से भूकंप आने से 38 मीटर ऊँची लहरें उठी जिसमे 27000 लोगों की जाने गयी।
  • Halifax, Nova Scotia : 6 दिसंबर 1917 में हेलीफैक्स नोवा स्कॉटिया में इंसानों द्वारा बनाये गए एक्सप्लोसिव के फटने से सुनामी आई जिसमें करीब 2000 लोग मारे गए थे।
  • Grand Banks, Canada : 18 November, 1929 में ग्रैंड बैंक कनाडा 7.4 मेग्नीट्यूड के भूकंप की वजह से सुनामी आने से 28 लोग मारे गए थे।
  • Leon, Norway : 1936 में लीओन, नॉर्वे में चट्टानों के धंसने से समुद्री लहरें उठी जिसमे 74 लोगो की मौत हो गयी इन लहरों की ऊंचाई करीब 70 मीटर थी।
  • Makran Coast, Pakistan : 27 नवंबर 1945 में पाकिस्तान के मकरान कोस्ट में 8.1 magnitude की रफ्तार से भूकंप आया जिसमें 17 मीटर ऊंची लहरें उठी जो कि 4000 लोगों के मरने का कारण बनी। 2004 से पहले दक्षिण पश्चिमी एशिया में यह सबसे खतरनाक सुनामी थी।
  • Unimak Island, Alaska : 1 April 1946 मैं अलास्का के युनीमाक आईलैंड में 8.6 की रफ्तार से भूकंप आने से 42 मीटर ऊंची सुनामी लहरें आई जिससे 160 लोग मारे गए थे।
  • Kamchatka Russia : 4 नवंबर 1952 में कामसकता, रसिया में 9. 0 मेग्नीट्यूड की रफ्तार से भूकंप आने से सुनामी आई जिसमें करीब 10000-15000 लोग मारे गए थे।
  • Aleutian Island : 9 मार्च 1957 में अलेयूशियन आइलैंड में 8.5 मेग्नीट्यूड की रफ्तार से भूकंप आने से 23 मीटर ऊंची लहरें उठी परअच्छी बात तो यह रही इसमें ज्यादा नुकसान नहीं हुआ लेकिन 2 लोगों की जानें चली गई।
  • Southern Chile : 22 मई 1960 में दक्षिण चिल्ली के तीव्र गति 9.5 मेग्नीट्यूड की रफ्तार से भूकंप आने से सुनामी उठी जो तकरीबन 2226 लोगों की मौत का कारण बनी।
  • Prince William Sound, Alaska : 28 मार्च 1964 में प्रिंस विलियम साउंड अलास्का में तेज गति से धरती कांपने लगी जिसकी रफ्तार थी 9.2 मेग्नीट्यूड जिसकी वजह से 52 मीटर ऊंची सुनामी की लहरें उठी इसमें करीब 124 लोगों की जानें चली गई।
  • Hawaii, United States : 29 नवंबर 1975 में अमेरिका के हवाई द्वीप में 7.7 मेग्नीट्यूड की रफ्तार से आने वाला भूकंप इसकी वजह रही इसमें 2 लोग मारे गए थे।
  • Sumatra, Indonesia : 26 दिसंबर 2004 इंडोनेशिया के लिए बेहद काला दिन रहा। इंडोनेशिया के सुमात्रा में 9.1 मेग्नीट्यूड की रफ्तार से भूकंप आया। जिसके सिर्फ 10 मिनट बाद 50 मीटर ऊंची सुनामी लहरें उतनी शुरू हो गई थी। इस सुनामी ने बेहद भयानक तबाही मचाई इसमें करीब 2,28000 लोग मारे गए थे और लापता हो गए थे इसमें इंडोनेशिया को करीब 10 बिलियन डॉलर का नुकसान उठाना पड़ा।
  • North Pacific Coast, Japan : 11 मार्च 1911 में जापान के नार्थ पेसिफिक कोस्ट में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा भूकंप आया जिसका नाम था तोहोकु। इसकी गति करीब 9.1 मेग्नीट्यूड थी। इस डिजास्टर के वजह से फुकुशिमा पावर स्टेशन डैमेज हो गया था। जिसकी वजह से करीबन 450000 लोगों को अपने घर छोड़कर दूसरे स्थानों पर जाना पड़ा। इस सुनामी में करीब 18000 लोग मरे गए थे। वर्ल्ड बैंक के अनुमान के अनुसार यह सुनामी दुनिया की सबसे महंगी प्राकृतिक आपदा रही जिसमे करीब 235 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ।
  • Dayyer, Iran : 19 मार्च 2017 में डेयर,इरान में मौसम तत्वों की वजह से सुनामी उठी। इसकी वजह से 2 लोग मारे गए थे
  • Krakatau Indonesia : 22 दिसंबर 2018 में इंडोनेशिया के कराकाटौ एक बार फिर ज्वालामुखी गिरने से सुनामीआई इसमें करीब 437 लोगों की मौत हो गई थी।
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