मर्द शादी क्यों करते हैं? | Why men want to get married?

 

पति -पत्नी का रिश्ता बहुत खाश रिश्ता होता है जिसमे 2 इंसान हमेशा के लिए इस अटूट बंधन में बन्ध जाते है।  यह रिश्ता सिर्फ शारीरिक सम्बन्धो पे नही टिका होता है जबकि बहुत सारी बातें जैसे की एक दूसरे के लिए प्यार, बात-बात में खुशिया ढूंढ लेना, एक दूसरे की परवाह करना, बच्चे, परिवार इन रिश्तों को मजबूत  बनाते है।  क्या आपको पता है मर्द शादी क्यों करते हैं?  Why men want to get married?

फिर भी बहुत सारी ऐसी बातें है जो इन प्यार भरे अटूट रिश्तों में दरार ले आती है। कभी हम अपने जीवन साथी (partener) को  ठीक से समझ नहीं पाते है तो कभी गलत फहमियों और झगड़े की वजह से रिश्ता (relation) कमजोर पड़ जाता है। 

बहुत सारी महिलाएं ऐसी भी है जो अपने पति की अहमियत तक नही समझ पाती है या समझने का प्रयास तक नही करती है।  यहां तक की कुछ औरते गलत फहमियों और आदतों के कारण अपने जीवन साथी को धोखा देती है, झूठ बोलती है, सबकुछ उनसे छुपाती है। और पराये मर्दों को अपनी व्यथा सुनाती है, अपना सब कुछ पराये मर्दों पे न्योछावर कर देती है।  पर उनको ये पता नही होता की वो ये सब कुछ जो कर रही है वो एक दिन उनसे, उनका सबकुछ छीन लेगा। क्या आपने कभी सोचा है की ये सब कुछ पता होते हुए भी मर्द शादी क्यों करते है। 

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मर्द शादी क्यों करते है?

अगर हिसाब किया जाये तो बीवी का महीने का खर्चा बाहर की चार औरतो के खर्च से ज्यादा होता है। लेकिन मर्द (man) फिर भी शादी करते है। 
 
शादी पर लाखों का खर्चा करता है और हिम्मत से ज्यादा बीवी के तसन्न (शोक) पुरे करके दिखाता है उसके लिए छत ढूंढता है, उसके आराम के लिए जतन करता है, धुप में कड़ता है, मेहनत की भट्टी में जलता है।  उसके लिए जरूरत पड़े तो कभी अपना शरीर तो कभी अपनी चमड़ी बेच देता है।  पता है कयूं ? क्योंकि मर्द की ये वाली आदत  खुदा जैसी है। 
 
अब  देखो ना खुदा को क्या जरूरत है की वो अरबो – खरबो इंसानो को पैदा करता  और फिर  उनके खाने पिने की चीजे मुहैया कराता है।  रहने के लिए छत और पहनने के लिए कपडे देता है लेकिन शायद जरूरत थी उसे, वो चाहता था की कोई मख्लूख (human) ऐसी हो जो पूजा करे उसकी, जो सजदा करे उसके नाम का, अक्ल हो, दिल हो उसके पास और फिर जितनी कोई पूजा करेगा उतना ही ख्याल रखेगा उसका और सब कुछ दे देने के बाद कहा की मैं रहमान हु, रहीम हु सब गुनाह माफ़ करूँगा। 
 
खुदा ने अपनी यही आदत मर्द के खून में डालदी है जिस तरह से खुदा को अपनी मख्लूख सबसे ज्यादा प्यारी है इसी तरह हर अच्छे मर्द को अपनी बीवी प्यारी है।  वो खुदा नही है लेकिन खुदा की तरह उसके लिए सब कुछ करता है या फिर करने की कोशिश करता है यहाँ तक की उसकी गलतियों, कोहतानो पे रहमान और रहीम  बन जाता है। लेकिन उसका शिर्क ( नाफ़रमानी ) कभी माफ़ नही करता। 

हर अच्छे मर्द को अपनी बीवी प्यारी होती है वेसे ही हर बीवी को अपने मर्द की अहमियत को समझना और उसकी पूजा करना ही एक अच्छी बीवी होने का अनुभव कराता है। एक ऐसी बीवी जो अपने मर्द की हर बात की कदर करे, उसकी परेशानियों को समझे, उसके सुख – दुःख में साथ दे, कभी भी नाफरमानी न  करे। 

जैसे हमारे माँ-बाप का हाथ हमारे सर पे होता है तो हम किसी भी प्रकार की परेशानियों से घबराते नही है  उसी तरह औरत की जिंदगी में मर्द की भी बहुत अहमियत है। 
 
जो औरतें अपने शोहर (husband) की कदर नही करती, उनकी बात नही मानती, झूठ बोलती है, अपने शोहर को धोखा देती है तो ये सब करके वो खुदा की नजर में गुनाह तो कर ही रही है पर साथ ही अपने बसे बसाये घर को भी  उजाड़ रही है। 
 
ऐसा करते – करते एक वक़्त ऐसा आएगा की उनका सब कुछ छीन जायेगा और जिंदगी में रोने और पश्चाताप के अलावा कुछ नही रह जायेगा। 
 
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One comment

  1. Hello
    Shirk means polytheism
    Like अनेक देवताओं में विश्‍वास करना
    उस एक खुदा के अलावा किसी और को खुदा मानना

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