Note bandi

500-1000 Note Bandi ke bad bhaarat ke halat

यह पोस्ट हाल ही में अपडेट की गयी है : June 9th, 2020

8 november, 2016 को भारत सरकार द्वारा लिए गए 500 -1000 note bandi  के फैसले से लोगो के हालात बुरे हो गए है।  इसकी वजह से आम जनता सबसे ज्यादा परेशान है। जहां कुछ लोग इसे सरकार द्वारा देशहित में लिया गया फैसला सराहनीय मान रहे है,
तो कुछ लोग इसका विरोध कर रहे है पुरे देश के विभिन्न भागो से नोटबंदी पर लोगो की अलग अलग प्रतिक्रियाये आ रही है। 

पुराने महात्मा गाँधी सीरीज के 500, 1000 के नोट की जगह सरकार ने new महात्मा ग़ांधी सीरीज के 500, 2000 के note का चलन किया है, जिससे banks, post office, ATM के बाहर भारी भीड़ देखी जा सकती है, लोग घंटो line में खड़े होके पुराने note बदलवाते और अपने bank खाते में पैसे जमा और निकलवाते नजर आ रहे है।  

indian new 2000 bank noteभारत सरकार द्वारा 500, 1000 के नोटबन्दी का फैसला 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भ्रष्टाचार (corruption), काला धन (Black money) पे लगाम लगाने के लिए 8 november, 2016 को 500 और 1000 के नोट के चलन को बन्द करने के लिए ये अहम फैसला लिया। 

500, 1000 के नोट की जगह नये series के 500, 2000 के नये नोट को replace किया गया इससे पहले ये खबर लीक होने की वजह से कुछ अखबारों में भी प्रकाशित हो गयी थी। 

इस फैसले के बाद आमजन में उथल पुथल मच गयी है। जहां सरकार ने 31 december 2016 तक सभी पुराने 500, 1000 के नोट को बदलवाने की छूट दी है। 

नोटबन्दी के बाद सरकारी hospital, airline, petrol pump, gas agency को legally निश्चित समय के लिए पुराने नोट accept करने को कहा गया। नोट बन्दी के बाद देश का हाल बहुत बुरा हो गया।

500-1000 के नोट का चलन बन्द करने के फायदे 

  • सरकार ने इस फैसले से काला धन (Black money) रोकने के लिए सफल कदम बताया है। 
  • 500-1000 के जाली नोट जो terrorism funding में इस्तेमाल होते है उनपे रोक लगेगी 
  • Corruption से छुटकारा मिलेगा।  
  • काला धन (Black money) जो Drugs Smuggling में use होता है उनसे relief मिलेगी। 

नोटबंदी के बाद देश का हाल    

नोटबंदी के बाद देश के हालात बद्तर हो गए हैं जहाँ सरकार ने भ्रष्टाचार और कला धन रोकने के लिए बहुत महवपूर्ण फैसला लिया है वही आमजन के लिए जीवन यापन करना बहुत मुश्किल हो गया है। 

सरकार ने नये नोटो की आपूर्ति के लिए बैंको को निर्देश दिए है की प्रत्येक खातेदारी को 20,000 नगदी तथा 4,000 रुपये ATM से निकालने की limit तय करें। जिसे प्रत्येक दिन में बैंक से 10,000 तथा ATM से 2000 रुपये निकाल सकते है। 

बैंको के आगे सुबह से शाम तक लंबी कतारे देखी जा सकती है जहाँ कुछ लोग शादी विवाह के लिए परेशान है तो कुछ लोग बीमारियों के चलते अपने स्वयं के खाते से रुपये नहीं ले पा रहे है senior citizons को इसकी वजह से बहुत परेशानी उठानी पड़ रही है और कहीं तो इस दौर के चलते लोगो की मौत भी हो गयी है। 

 
8 नवम्बर को नरेंद्र मोदी के फैसले को unschedule televised करने के बाद कुछ लोग इसे सराहनीय मान रहे है और कह रहे है की “मोदी जी हम सब आपके साथ है और देश बदल रहा है” और वहीं कुछ लोग गालियां देने में व्यस्त है और सोच रहे है हमने मोदीजी को वोट क्यों दिया। 
 
धन कुबेरो के द्वारा इकठ्ठा किया गया काला धन पुलिस के द्वारा पकड़ा जा रहा है जहां सरकार ने आमजन को 250,000 रुपये तक cash जमा कराने पर छूट दी गयी है 250,000 रूपये से ज्यादा जमा कराने वाले को RBI के निर्देश के अनुसार बैंको को इसकी सुचना income tax department को देनी होगी।  250,000 से ज्यादा जमा कराने वाले को अपनी पूंजी का ब्यौरा देना होगा अन्यथा income tax और 200% जुर्माना भरना पड़ेगा।  

कुछ लोग अपने cash को gold में invest कर रहे है दिल्ली और गुजरात में सोने की बिक्री में 20-30% की व्रद्धि हुई है सोने की कीमत 45000 से ऊपर पहुँच गयी है नोटबन्दी के 2nd week सिगरेट की बिक्री में 30-40% गिरावट आयी है।  

व्यापारीयों के द्वारा जगह-जगह protest किये जा रहे है। दुकानों के आगे “काला धन तुम्हारा डूबा दुकाने हम क्यों बन्द करे” के बोर्ड दिखाई दे रहे है। 

नोटबन्दी के बाद किसानों के पास पर्याप्त cash नही है जिसकी वजह से वो लोग बीज, खाद, कीटनाशक नही खरीद पा रहे है जिससे रबी की फसल के उत्पादन में कमी देखने को मिलेगी, किसानों के द्वारा गुजरात, अमृतसर, मुजफरनगर में सरकार के इस फैसले के खिलाफ protest और रैलियां निकाली जा रही है। देश के ये बुरे हालात कब सुधरेंगे कहना मुश्किल है। 

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